सितार संचालन पर कार्यशाला

  


जवाहर बाल भवन में गुरूवार को संगीत प्रभाग में बच्चों के लिये सितार के संचालन पर केन्द्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें संगीत विषय विशेषज्ञ श्रीमती निर्मला उपाध्याय ने बच्चों को सितार वाद्य की बैठक एवं उसे संचालित करने के बारे में मुख्य रूप से बताया। साथ ही यह जानकारी भी दी गई कि भारतीय वाद्यों को चार विभागों में विभक्त किया गया है, जो कि तत्, सुषिर, अवगद्य व घन नामों से जाने जाते है। जिनमें तारों वाले वाद्यों को तत् वाद्य की श्रेणी में लिया जाता है, उन्हीं में सितार वाद्य भी शामिल हैै। सितार वाद्य की ध्वनि की मधुरता की अपनी एक अलग पहचान होती है तथा इस वाद्य को लोकप्रिय बनाने में उस्ताद विलायत खाँ, पं. रविशंकर, उस्ताद अब्दुल हलीम जाफर खाँ एवं पं. निखिल बनर्जी के नाम उल्लेखनीय है आदि जानकारी देते हुये बच्चों को सितार के संचालन एवं उसके सुरों का अभ्यास कराया गया।
सहायक संचालक
जवाहर बाल भवन
भोपाल


 


 


 


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