मध्‍य प्रदेश टूरिज्‍म आयोजित करेगा ‘नमस्‍ते ओरछा’

तीन दिन चलने वाले इस महोत्‍सव में दिखेगी मध्‍य प्रदेश की सांस्‍कृतिक विरासत, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा



6 से 8 मार्च 2020



  • पर्यटकों को भ्रमण का यादगार अनुभव कराने के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार इस महोत्‍सव को समृद्ध विरासत वाले शहर ओरछा में आयोजित कर रही है, ताकि राज्‍य में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, सांस्‍कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और स्‍थापत्‍य कला संबंधी विरासत को प्रोत्‍साहित किया जा सके

  • मध्‍य प्रदेश में देश के लोकप्रिय पर्यटन स्‍थल जैसे खजुराहो, उज्‍जैन, सांची, भीमबेटका आदि होने के साथ ही हाल ही में सर्वश्रेष्‍ठ विरासत शहर का पुरस्‍कार पाने वाले ओरछा जैसे अन्‍य शानदार पर्यटन स्‍थल भी हैं जिनमें पर्यटन की शानदार संभावनाएं हैं। 

  • 'नमस्‍ते ओरछा' के तहत मध्‍य प्रदेश के दर्शन ओरछा में होंगे और इस दौरान संगीत, नृत्‍य, विरासत भ्रमण, कार्यशालाएं, स्‍थानीय व्‍यंजन, कलाओं और हस्‍तशिल्‍प की झांकी देखने को मिलेगी।

  • जानेमाने सितार वादक और तानसेन सम्‍मान से नवाजी जा चुकीं मंजु मेहता इस महोत्‍व के दौरान अपनी प्रस्‍तुति देंगीं।


 


भोपाल, 11 दिसंबर, 2019 । देश में प्रमुख पर्यटन स्‍थल के रूप में राज्‍य को प्रमोट करने के चल रहे मौजूदा प्रयासों के साथ ही राज्‍य पर्यटन बोर्ड ने नमस्‍ते ओरछा महोत्‍सव की घोषणा की है। राज्‍य की समृद्ध सांस्‍कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला यह महोत्‍सव 6-8 मार्च 2020 तक ऐतिहासिक शहर ओरछा में आयोजित किया जाएगा। मध्‍य प्रदेश सरकार के मुख्‍य सचिव श्री सुधी रंजन मोहंती ने भोपाल में ट्रेवल और टूरिज्‍म इंडस्‍ट्री के लोगों और वरिष्‍ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एक संवाददाता सम्‍मेलन में इस महोत्‍सव की घोषणा की।


प्राचीन और विलक्षण शहर ओरछा में तीन दिन के इस असाधारण महोत्‍सव में विविध गतिविधियां जैसे म्‍यूजिक, आर्ट, वैलनेस, ट्रेवल, नेचर, एडवेंचर, हिस्‍ट्री और कल्‍चर आदि संबंधी कार्यक्रम आयोजित होंगे। जानीमानी सितार वादक तानसेन पुरस्‍कार से सम्‍मानित मंजु मेहता इस महोत्‍सव में प्रस्‍तुति देंगी। महोत्‍सव के दौरान पर्यटकों के लिए 'ग्राम' और 'फार्म' पर ठहरने की सुविधा दी जाएगी ताकि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान फोटोग्राफी, फिल्‍म मेकिंग, परफॉर्मिंग आर्ट्स के लिए कार्यशालाएं और साइट विजिट भी होंगी। मध्‍य प्रदेश की हस्‍तशिल्‍प विरासत को दिखाने के लिए प्रदर्शनी, मशहूर कारीगरों और ग्‍लोबल एवं लोकल ब्रांड्स के साथ फैशन और डिजाइन के दर्शन भी करवाए जाएंगे। स्‍थानीय बिजनेस के लिए भी यह एक सुनहरा अवसर होगा जिसके तहत वे पर्यटन सेवाओं और डेस्टिनेशनल वैडिंग संबंधी सेवाओं को राज्‍य में बढ़ावा दे सकते हैं।


मध्‍य प्रदेश टूरिज्‍म बोर्ड ने हाल ही में 10 राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार जीते हैं और राज्‍य को लोनली प्‍लेनेट की ओर से दुनिया के टॉप 3 'बेस्‍ट वैल्‍यू  डेस्टिनेशन' की सूची में शामिल किया गया है। मध्‍य प्रदेश सरकार ने पर्यटन को विकास के लिए प्रमुख सेक्‍टर्स में शामिल किया है और उसका लक्ष्‍य राज्‍य को घरेलू और विदेशी दोनों ही पर्यटकों के लिए आकर्षक स्‍थल के रूप में विकसित करने का है। राज्‍य लगातार ढांचागत विकास, विरासत स्‍थलों के संरक्षण, प्राकृतिक स्‍थलों एवं जैव विविधता को विकसित करने के साथ ही शहरों के अलावा ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। 


इस अवसर पर बातचीत करते हुए मुख्‍य सचिव श्री सुधी रंजन मोहंती ने कहा, 'यह बहुत ही गर्व की बात है कि ओरछा को राष्‍ट्रीय पर्यटन पुरस्‍कार 2017-18 में सर्वश्रेष्‍ठ विरासत शहर के पुरस्‍कार से नवाजा गया है और यह पहले ही यूनेस्‍को वर्ल्‍ड हेरिटेज साइट्स की सूची में है। ओरछा में भारत आने वाले पर्यटकों के लिए गोल्‍डन ट्रैंगल अतिरिक्‍त पर्यटन स्‍थल के रूप में शामिल होने की पूरी क्षमता है। इस हेरिटेज टाउन में हर साल एक महोत्‍सव का विचार है जिसमें मध्‍य प्रदेश की संस्‍कृति की झलक मिले, कौशल विकास को नए आयाम मिलें, स्‍थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ ही अतुल्‍य भारत की छवि में महत्‍वपूर्ण योगदान दे।'


मध्‍य प्रदेश सरकार के सांस्‍कृतिक विभाग के प्रमुख सचिव श्री पंकज राग ने कहा, 'नमस्‍ते ओरछा के जरिए राज्‍य की विविध संस्‍कृतियां एक मंच पर आएंगी और एक सुंदर प्रदर्शन के साथ ही महोत्‍सव के प्रतिभागियों को मध्‍य प्रदेश की छिपी हुई धरोहर से परिचित करवाएंगी। इस दौरान होने वाली आकर्षक गतिविधियों में लोकप्रिय कलाकारों और प्रतिभागों के साथ ही नई प्रतिभाओं को भी प्रदर्शन का मौका मिलेगा। इस दौरान भ्रमण पर आने वालों के लिए यह मौका संस्कृति के दर्शन करने का अविस्‍मरणीय अनुभव होगा।'


राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली से मात्र 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओरछा वीकेंड पर सैर के लिए बेहतरीन पर्यटन स्‍थल है और दिल्‍ली से सड़क मार्ग से (करीब 8 घंटे), ट्रेन से झांसी जंक्‍शन तक (करीब 5-6 घंटे, जिसमें झांसी से ओरछा तक 30 मिनट का सड़क मार्ग से सफर भी शामिल है)  और फ्लाइट से ग्‍वालियर तक (करीब 4 घंटे, जिसमें ग्‍वालियर से ओरछा तक 3 घंटे की ड्राइव शामिल है) पहुंचा जा सकता है।


मध्‍य प्रदेश सरकार के पर्यटन सचिव और मध्‍य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर श्री फैज़ अहमद किदवई ने कहा, 'मध्‍य प्रदेश देश के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्‍थलों में से एक है और पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखता है। माननीय मुख्‍यमंत्री जी के नेतृत्‍व में पर्यटन को प्रमुख फोकस एरिया में शामिल किया गया है। हम राज्‍य और उसकी समृद्ध विरासत, प्राकृतिक एवं स्‍थापत्‍य विरासत, उसकी परंपराओं और इतिहास को प्रमोट करने के लिए नए अवसर तैयार कर रहे हैं। ओरछा वासियों की जिंदगी में यह महोत्‍सव गर्व का विषय होगा और वे आने वाले मेहमानों को अपने घरों और दिलों में जगह देंगे। पूरे मध्‍य प्रदेश के लिए यह बहुत ही सार्थक उत्‍सव साबित होगा।'


बेतवा नदी के किनारे बसे और झांसी से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर ओरछा अपनी समृद्ध स्‍थापत्‍य विरासत और पौराणिक महत्‍व के लिए विख्‍यात है। यहां बहुत ही समृद्ध वन्‍यजीव और सघन वन्‍य संपदा भी है जिससे ओरछा वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य का निर्माण हुआ है।


ओरछा किले के परिसर में विख्‍यात और अनोखा राम राजा मंदिर स्थित है जिसका निर्माण भगवान राम के सम्‍मान में किया गया और यह एक मात्र स्‍थान है जहां राम की पूजा भगवान और राजा दोनों के रूप में की जाती है। यहां पर एक भव्‍य चतुर्भुज मंदिर भी है जो एक स्‍थापत्‍य विरासत के रूप में मंदिर, किला और महल तीनों का संगम है। शाही महल राजा महल और शीष महल हैं जो अब हेरिटेज होटल में तब्‍दील हो चुके हैं। जहांगीर महल है जिसका निर्माण महाराजा बीर सिंह देव ने मुगल सम्राट जहांगीर के आगमन के सम्‍मान में बनवाया था। साथ ही यहां फूल बाग भी है जो स्‍थापत्‍य कला का बेहतरीन नमूना है जिसमें वाटर वेंटिलेशन सिस्‍टम के जरिए प्राकृतिक ठंडक रहती है। इसके अलावा किले और बेतवा नदी के आसपास बड़ी संख्‍या में छतरियां हैं जो शहर के पूर्व शासकों की याद में बनवाई गई थीं।


समृद्ध और मुक्‍त प्राकृतिक स्रोतों, जैव-विविधता और प्राचीन परिदृश्‍य भी प्रकृति प्रेमियों और एडवेंचर प्रेमियों के लिए ओरछा को आकर्षण का केंद्र बनाता है। गाइड की निगरानी में ओरछा वन्‍यजीव अभ्‍यारण्‍य का भ्रमण, बेतवा नदी के किनारे एडवेंचर स्‍पोर्ट्स, सुरम्‍य प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन का अनुभव यहां हर पर्यटक के लिए कुछ न कुछ उपलब्‍ध है जिसकी यादें वह अपने साथ ले जाना चाहेगा।


 


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