कमलनाथ सरकार का एक वर्ष प्रदेश को विकास के पथ पर लाने का एक सार्थक प्रयास

सज्जन सिंह वर्मा


18 दिसम्बर,


मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार का एक वर्ष पूर्ण हो गया है और इस पहले वर्ष में सरकार ने जन कल्याणकारी योजनाओं को घोषणाओं तक सीमित ना रखकर जमीन पर लाने का एक सार्थक प्रयास किया है, माननीय मुख्यमंत्री जी ने कांग्रेस पार्टी के चुनावी वचन पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर सभी विभागों के माध्यम से अपने वचन पत्र के वचनों को एक एक कर पूरा करना प्रारंभ किया और अनेकों जन हित के निर्णय त्वरित लिए मुझे जब लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी दी उस समय प्रदेश के जर्जर हो रहे पुल-पुलियाओं तथा सड़कों के निर्माण एवं रखरखाव की एक बड़ी चुनौती सामने थी, जिसे विभाग ने प्राथमिकता देते हुए 5434 किलोमीटर की सड़कों का निर्माण कराया। विभागीय बजट के अलावा भी अन्य स्त्रोतों से प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए वित्तीय व्यवस्था की गई, जिसके तहत न्यू डेवलपमेंट बैंक से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थात 3250 करोड़ रूपए का ऋण प्राप्त कर 1905 किलोमीटर के 82 महत्वपूर्ण मार्गों का कार्य कराया जा रहा है। इसी प्रकार 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर अर्थात रूपए 1625 करोड़ की लागत में 260 पुलों का निर्माण कराया जा रहा है ।


वर्षाकाल के दौरान पुरे प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा निर्माण कराई गई सड़कें गुणवत्ता के अभाव में जीर्ण शीर्ण अवस्था में आ गई जिनका संधारण करना एक बड़ी चुनौती बन गया। हमने इस चुनौती से निपटने के लिए एक वृहद कार्ययोजना तैयार की तथा पुरे प्रदेश में विभागीय अमले को सड़कों के संधारण के कार्यों में लगा दिया | प्रदेश के कई महत्वपूर्ण राजमार्गो जिनका निर्माण एवं संधारण केंद्र सरकार को करना था, उन्हें भी दुर्घटनाएँ एवं जनहानि को रोकने हेतु संधारित किया गया | इंदौर इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर इसी के तहत विभाग द्वारा कार्य किया गया |


जर्जर हो चुके पुल पुलियाओं के निर्माण को हमने प्राथमिकता में रख कर संकरे, जलमग्नीय एवं अत्यंत पुराने पुलों के पुनर्निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है | पुरे प्रदेश में ऐसी 2552 पुलियाओं को चिन्हित किया गया है | साथ ही प्रदेश में पुलों के निर्माण हेतु पंचवर्षीय योजना तैयार की गई है | जिसके तहत 2000 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 400 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है | बड़े शहरों में सबसे बड़ी समस्या यातायात से जुडी है जिसमें शहरी क्षेत्रों के लाखों लोग ट्राफिक जाम की समस्या में प्रतिदिन रूबरू होते है | जिसमें समय के साथ ही ईधन की भी बर्बादी होती है | साथ ही यह स्थिति पर्यावरण को भी नुकसान पहुचाती है | हमने पहले वर्ष में ही बड़े शहरों के लिए जरूरी ओव्हर ब्रिज तथा अंडर ब्रिज बनाने का निर्णय त्वरित लेकर इस हेतु कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है | इंदौर में ए.बी. रोड़ पर प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण हेतु ऑनलाइन निविदा बुलवाई जा चुकी है। साथ ही जबलपुर, देवास एवं भोपाल में भी फ्लाई ओवर्स निर्माण की योजना पर काम जारी है। लोक निर्माण के क्षेत्र में हमने कई नवाचारों को प्रारंभ किया जिसमे ग्रीन रोड कंस्ट्रक्शन की थीम को अपनाया। साथ ही थर्मल पॉवर स्टेशन के आसपास फ्लाई एश के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। इनके अतिरिक्त और भी अनेकों कार्य पर्यावरण को ध्यान में रखकर किए जा रहे है।


प्रदेश पर 15 साल शासन करने वाली पूर्व भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश की आर्थिक स्थिति को चरमरा के रख दिया था, खजाना खाली तथा प्रदेश के ऊपर क़र्ज़ का बोझ बड़ा दिया था। ऐसी विषम परिस्थितियों में प्रदेश की कमान सँभालने के बाद कमलनाथ जी के कुशल प्रबंधन ने विपरीत वित्तीय परिस्तिथियों का भी प्रदेश के ऊपर कोई असर नहीं होने दिया और आज प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है|