स्वामी विवेकानंद लाइब्रेरी में एंटी बुलइंग पर सेशन


            स्वामी  विवेकानंद लाइब्रेरी में रविवार 24/11 /2019, को ऑरेंज आउल पर्सेप्ट्स द्वारा एंटी बुलइंग पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  बच्चों को विशेषकर ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।  बुलइंग एक ऐसा विषय है जिसपर न सिर्फ बच्चे बल्कि उनके अभिभावकों को भी सजग रहना चाहिए। सेशन की शुरुआत ऑरेंज आउल कि स्टोरी टेलर द्युतिमा शर्मा द्वारा किया गया।  द ब्लू अम्ब्रेला रस्किन बांड के नावेल को बहुत ही आकर्षक ढंग से बच्चों को सुनाया।  बच्चों ने भी कहानी को अंत तक सुना और पूछे गए सवालों के जवाब दिया।  इसके बाद भास्कर  इन्द्रकांति ने बच्चों से बुलइंग के बारे में पुछा और उदहारण देते हुए बताया की बचपन मं उनके नाम का अलग अलग उच्चारण कर मज़ाक बनाया जाता था यह बुलइंग का सबसे सरल उदाहरण है।  इसके बाद उन्होंने बुलइंग और टीजिंग के बीच का अंतर बताया। न सिर्फ उन्होंने बुलइंग के बारे में बताया बल्कि उसको सकारात्मक तरीके से कैसे लेना है इसपर भी चर्चा की।  इसके बाद एक गेम का आयोजन किया जिसमे अलग अलग इमोशंस की पर्ची देते हुए बच्चों एवं अभिभावकों को उस पर अभिनय कराते हुए दूसरों से अनुमान लगवाया की यह किस तरह का इमोशन है। इसके बाद ओरिगामी एक्टिविटी सुगन्धि द्वारा कराई गई जिसमे बच्चों ने टीपी टॉप, तितली इत्यादि बनाना सीखा।  अंत में यह फीडबैक लिया गया कि इस सेशन से क्या सीख मिलती है जिसपर अभिभावकों ने बताया कि उनको यह एहसास हुआ कि बच्चों का व्यवहार कैसे बदलता है स्थिति के हिसाब से और दूसरा इस सवाल पर कि बच्चे स्कूल क्यों जाते है एक बच्चे ने कहा कि वह इसलिए जाते हैं क्यूंकि घर पर बोर हो जाते है इससे समझ में आता  है कि बच्चे अपने अभिभावकों के साथ समय बिताना चाहते है। सेशन में लगभग 65 बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। 


 


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