रामकथा के श्रवण से सामाजिक समरसता और मर्यादाएं दृढ़ होती हैं: चंद्रमादास

अमराई में रामकथा महोत्सव का भूमिपूजन
कोलार। रामकथा के श्रवण से सामाजिक समरसता तो बढ़ती ही है, मर्यादाएं और अनुशासन दृढ़ भी होता है। हमारे युवाओं को इस कथा में सबसे अधिक सम्मिलित होना चाहिए ताकि नई पीढ़ी भारतीय संस्कारों और मर्यादाओं से जुड़ी रहे। ये उद्गार गुफा मंदिर के महंत चंद्रमादास त्यागी ने बुधवार को गेंहूखेड़ा अमराई में रामकथा महोत्सव का भूमिपूजन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राम कॆ चरित्र से हमें शिक्षा मिलती है कि भाई-भाई का रिश्ता किस तरह निभाना चाहिए। मित्र, माता-पिता और समाज के प्रति हमारा कैसा व्यवहार होना चाहिए। गौरतलब है कि शिव शक्ति सेवाधाम समिति द्वारा एक दिसंबर से नौ दिसंबर तक नव दिवसीय संगीतमय रामकथा महोत्सव काा आयोजन किया जा रहा है। समिति केे संस्थापक एवं संरक्षक योगेंद्रनाथ योगी ने बताया कि पहले दिन राम मंदिर बैरागढ़ चीचली से दोपहर एक बजे कलश यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन समिति अध्यक्ष शैलेष खटीक ने बताया कि महाराज वैभव भटेले कॆ द्वारा की जाने वाली यह कथा प्रतिदिन दोपहर ढाई से शाम छह बजे तक चलेगी। भूमिपूजन के मौके पर खासतौर से भूपेंद्र माली, पवन बोराना, राजकुमार सिंह, ताराचंद मारन, मनोहर मीना, गायत्रीप्रसाद शर्मा, ज्ञानसिंह तोमर, उत्सव झरखडिय़ा, नरेंद्र राठौर, अशोक बैरागी, धर्मेंद्र शर्मा, डा. शैलेंद्र भारती, एसएच खान, सीताराम शास्त्री, सुरेश विश्वकर्मा, प्रेमनारायण प्रजापति, लोकेश प्रजापति, राजेंद्र बंदेवार, बबलू राजपूत आदि मौजूद थे।
*योगेंद्रनाथ योगी


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