सन्त उमाकान्त जी महाराज के सानिध्य में राष्ट्रीय शाकाहार सम्मेलन सम्पन्न 
















आटे से बने 526 व्यंजनों से बाबा के भक्तो ने दिया शाकाहार का संदेश

विश्वविख्यात सन्त उमाकान्त जी महाराज  द्वारा भोपाल के दशहरा मैदान में राष्ट्रीय शाकाहार सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें सम्पूर्ण भारत वर्ष से महाराज जी के भक्त शामिल हुए ।

विश्वकीर्तिमान 

इस शाकाहार सम्मेलन में दुनिया को शाकाहार का संदेश देने के लिए भक्तो द्वारा आटे से 526 प्रकार के व्यंजन बनाये गए । इस सन्देश के साथ के जब एक अनाज से 526 व्यंजन तो कितने अनाज, दाल, फल, सब्जी, है तो क्यो बेज़ुबान की हत्या कर उसका मांस खाया जाये ।

इस आटे के 526 व्यंजनों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा विश्वकीर्तिमान में शामिल किया गया ।इसमें देशी व कई कॉन्टिनेंटल डिशेज़ भी थी,जिन्हें संगत की माता बहनों  द्वारा बनाया गया था। विश्व रिकॉर्ड का  प्रमाण पत्र इस संस्था के एशिया हेड श्री मनीष विश्नोई द्वारा महाराज जी को दिया गया ।

एक दिन पूर्व समापन 

वैसे ये शाकाहार आंदोलन 9 और 10 नवम्बर का दो दिवसीय था लेकिन अयोध्या फैसले की गम्भीरता देखते हुए प्रशासन द्वारा कहने पर महाराज जी ने इस शाकाहार सम्मेलन को एक दिन पूर्व ही सम्पन्न कर दिया ।

देश भक्ति बड़ी चीज है - महाराज जी

सन्त उमाकान्त जी महाराज द्वारा भक्तों को सन्देश देते हुए बताया गया कि ये मनुष्य शरीर बेहद अनमोल है जो उस मालिक ने ईश्वर, खुदा की भक्ति इबादत के लिए दिया है इसे लड़ाई, झगड़े, झंझट, तिफरकेबाज़ी और मांसाहार में खराब मत करो ।देशभक्ति बड़ी चीज है आप पुलिस- प्रशासन और सभी अधिकारियों को अपना भाई, परिवार मानकर उनकी मदद करे । देश भक्त बने देश के लोगो और देश की संपत्ति को अपना मानकर

उसकी रक्षा एवम प्रेम करे ।

 

शान्ति और समन्वय का आदर्श उदहारण

महाराज जी के सानिध्य में आयोजित इस शाकाहार सम्मेलन में सबसे विशेष बात भक्तों का अनुशासन था । भोजन, चिकित्सा,सुरक्षा, स्वच्छता हर कार्य को पूरी निष्ठा और सेवा के साथ किया । 

 

प्रशासन द्वारा महाराज जी द्वारा उनके आग्रह को मानकर पूर्ण सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया ।