बोलो, रोको और टोको अभियान शुरु

महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा 


उदय संस्था ने बस्ती में हिंसा को कम करने के लिए शुरु किया अभियान




विभिन्न कारणों से महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की जाती है। उदय संस्था के कार्य क्षेत्रों में "न्याय चौपाल- महिला सेल" के माध्यम से हिंसा के कई मामले सामने आए हैं। भोपाल की बस्तियों से हिंसा को कम करने के लिए, उदय ने 25 नवंबर से एक 21-दिवसीय अभियान शुरू किया है - महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस और 16 दिसंबर-निर्भया दिवस पर इसका समापन किया जायेगा अभियान के दौरान निम्नलिखित दिवस आयोजित किये जायेगे जो की अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस, ग्लोबल कैनडे, विश्व एड्स दिवस,अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस,सद्भावना दिवस मानवाधिकार दिवस और अभियान का आखरी दिन निर्भया दिवस के रूप में मनाया जायेगा ।


इस अभियान का उद्देश्य हिंसा के पीड़ितों को उन तरीकों पर शिक्षित करना है, जिससे वे सहायता ले सकें और समुदाय विशेषकर पुरुषों को अपनी पत्नियों पर हिंसा करने से रोक सकें |


इस अवसर पर उदय संस्था  ने भोपाल के जाटखेड़ी बस्ती में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। उद्घाटन कार्यक्रम में 300 महिलाओं ,किशोरियों और पुरुषो ने भाग लिया। श्री अनीता- उदय लीगल एडवाइजर, ने इस पखवाड़े की पृष्ठभूमि दी और अभियान में की जाने वाली गतिविधियों को रेखांकित किया। इस अभियान में महिलाओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम, मानव श्रृंखला, रैली और निर्भया को श्रद्धांजलि शामिल है। महिलाओं और किशोरियों को संबोधित करते हुए सिस्टर लिजी ने कहा, महिलाएं और लड़कियां अपने साथ हुई हिंसा का विस्तार व्यक्त करने में असहज महसूस करती है, क्योंकि यह अक्सर उन लोगों द्वारा परित्यक्त होती है, जिन पर वे परिवार के सदस्यों सहित भरोसा करते हैं, इसलिए किसी को नकारात्मक प्रतिक्रिया करने के बजाय समस्या के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। न्यामा चौपाल-महिला सेल के सक्रिय नेताओं श्रीमती अलोमती रॉय और रेखा अहिरवार ने बस्तियों में हिंसा के मामलों को सुलझाने के दौरान आने वाली चुनौतियों को साझा किया। मुद्दों को साझा करते हुए, आदर्श बाल संसद की एक बाल नेता रचना ने घर पर हिंसा पर ध्यान केंद्रित करते हुए बताया की  मां की पिटाई का बच्चों पर मानसिक प्रभाव पड़ता है और बच्चे वही सीखते हैं जो देखते है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्रीमती श्रद्धा जोशी, ए.एस. पी (महिला अपराध  महिलाओं को रुदिवादी सोच बदलने के लिए कहा क्योंकि इसी सोच की वजह से घरो में हिंसा होती होती | श्री संपत उपाध्याय एसपी साउथ - कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने बताया की हमे अपने लड़कों को हमे महिलाओं और बालिकाओं का सम्मान करने के लिए कहना चाहिए, लडकियों को हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सशक्त करना चाहिए , हिंसा को नहीं सहना नहीं करना चाहिए ना की हिंसा सहते रहना चाहिए| इस कार्यक्रम में कोलार परियोजना के परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर मौजूद थे| बच्चो और किशोरों ने बैनर पहन कर हिंसा कम करने का सन्देश दिया |