बाल संरक्षण में महती भूमिका निभा सकते हैं रासेयो स्वयंसेवक : माइकल जुमा

हम मध्यप्रदेश को बाल संरक्षण में प्रभावी राज्य बनाएंगें : डॉ. आर. के. विजय


मध्यप्रदेश में बाल संरक्षण की स्थिति पर मिलकर इस स्थिति से निबटना जरुरी : प्रशांत दुबे 


यूनिसेफ, एनएसएस और आवाज के बीच बाल संरक्षण को लेकर अनुबंध 




राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के स्वयंसेवक बाल संरक्षण में महती भूमिका निभा सकते हैं| बाल संरक्षण में युवाओं को अपनी भूमिका समझनी होगी, अवसरों को तलाशना होगा और बच्चों के पक्ष में कमर कसनी होगी| कार्यक्रम अधिकारी भी बच्चों के अधिकारों को समझें और आगे आयें| उक्त बात आज बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के रासेयो  प्रभाग, यूनिसेफ मध्यप्रदेश, आवाज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के दौरान यूनिसेफ के मध्यप्रदेश प्रभारी माइकल स्टीवन जुमा ने व्यक्तकिये| उन्होंने कहा कि यूनिसेफ बच्चों के संरक्षण में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है, इसके लिए हमने एनएसएस के साथ मिलकर यह एक कार्यक्रम तय किया है| उन्होंने कहा कि हमें आशा ही नहीं वरन पूर्ण उम्मीद है कि हम मिलकर मध्यप्रदेश में बच्चों की स्थिति में सुधार ला सकेंगे| 


उच्च शिक्षा विभाग के राज्य एनएसएस अधिकारी डा.आर.के. विजय ने इस दौरान कहा कि बाल संरक्षण आज की प्राथमिकता है और इस तरह के प्रशिक्षण समाज में बच्चों की सच्चाई को हमारे सामने रखते हैं। श्री विजय ने कहा कि एनएसएस अन्य प्राथमिकताओं के बीच बच्चों की सुरक्षा के लिए भी कटिबद्ध हैं और आशा करते हैं कि हम राज्य को बाल संरक्षण में प्रभावी राज्य बना पायेंगे। उन्होंने अनुबंध पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम मध्यप्रदेश में बच्चों के संरक्षण पर डट कर काम करेंगे|  इसके पहले आवाज, भोपाल के निदेशक प्रशांत दुबे ने बताया कि यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से आवाज (aawaj) संस्था द्वारा संचालित किये जा रहे इस कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न संरचनाओं का अलग-अलग समय पर प्रशिक्षण कर उन्हें बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों के सन्दर्भ में तैयार किया जाएगा।  एनएसएस वालंटियर द्वारा वर्ष भर होने वाली गतिविधियों में बाल संरक्षण को समाहित किया जाएगा। 


इस दौरान दो दिवसीय प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया| इस प्रशिक्षण में किशोर न्याय अधिनियम 2015, पाक्सो अधिनियम तथा बाल विवाह अधिनियम के साथ-साथ बाल श्रम पर भी प्रशिक्षण दिया गया| इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, होशंगाबाद, बैतूल, सीहोर और हरदा के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी शामिल हुए| मुक्त ईकाई, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह परिहार ने सभी का आभार माना| इस अवसर पर रोली शिवहरे, गौरव म्हसे, अस्मा खान, राहुल सेन, शुभम नांदेडकर आदि उपस्थित थे| 


प्रशांत दुबे 


निदेशक, आवाज 


 


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