मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संगोष्ठी का आयोजन


मध्यांचल प्रोफेशलन विश्वविद्यालय में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संगोष्ठी का आयोजन किया गया इस संगोष्ठी का उद्देश्य प्लास्टिक उपयोग करने से होने वाले खतरे के बारे में लोगों को जागरूक कराना था। जिस प्लास्टिक को हम बड़ी शान से अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाये हुए है, वह प्राकृतिक रूप से यह सड़नशील नहीं है। जो हमारी पृथ्वी को हानि पहुंचा रहा है। अगर यह सुधारा नहीं गया तो 2050 तक समुद्र में मछलियों से अधिक प्लास्टिक कचरा नजर आएगा। कुछ राज्यों ने तो पलास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया है तथा कुछ राज्य प्लास्टिक से सड़क तथा टॉयलेट आदि बना रहे है। प्लास्टिक से हमें अपनी पृथ्वी को बचाना है इसी उद्देश्य से प्लास्टिक का उपयोग प्रतिबंधित होना चाहिए और यह हम सब मिलकर ही कर सकते हैं। इस संगोष्ठी में मध्यांचल प्रोफेशनल विश्वविद्यालय के एडवाईजर डॉ. ज्ञानेन्द्र सिंह, कुलसचिव डॉ. शैलेश जैन, डीन एग्रीकल्चर डॉ जी.एस. चौहान एवं फैकल्टी मेमबर्स उपस्थित थे।