ग्रामीण भारत के लिए सिस्टेक का थ्री-इन-वन रेफ्रिजरेटर विश्वकर्मा पुरस्कार के लिए चयनित


भोपाल,फरवरी 4, 2020 : सागर इंस्टीट्यूट ऑफ साईंस एंड टेक्नोलॉजी (सिस्टेक) रातीबड़ क़े छात्रों द्वारा बनाया  गया थ्री-इन-वन रेफ्रिजरेटर को एआईसीटीई छत्र विश्वकर्मा पुरस्कार के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए चुना लिया गया है। भोपाल में आयोजित एक कालेज मे क्षेत्रीय सम्मेलन में इसका चयन हुआ । सिस्टेक रातीबड़ मे मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के  छात्र विशाल धनवरे, विशाल नामदेव, सचिन लोवंशी और शिवम्‌ सिंह ने ग्रामीणों भारत के लिए यह प्रोजेक्ट तैयार किया । थर्मल ऊर्जा और इसके रूपों का उपयोग कर यह रेफ्रिजरेटर एकल डिवाइस है जो ऊर्जा के रूपों द्वारा चीज़ों को ठंडा व गर्म करता है। यह रेफ्रिजरेटर रु 8000 / - की लागत से बनाया जा सकता है और प्रति दिन एक यूनिट से भी कम की उर्जा की खपत करता है। । प्रोजेक्ट का चयन एक समिति द्वारा किया गया था जिसमें कुलपति आरजीपीवी भोपाल के डॉ सुनील कुमार गुप्ता समिति के सदस्य रहे। समिति द्वारा चयनित प्रोजेक्ट्स एआईसीटीई की वेबसाइट पर प्रतिबिंबित होती हैं।


श्री सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल प्रबंध निदेशक सागर ग्रुप और डॉ ज्योति देशमुख प्रिंसिपल सिस्टेक रातीबड़ और विभागाध्यक्ष           श्री क्षितिज युगबोध ने छात्रों और मेंटर प्रोफेसर भुपेंद्र सिंह और प्रोफेसर मुकेश मिश्रा को बधाई दी और सागर ग्रुप के मिशन 'राष्ट्र निर्माण' के तहत ग्रामीण भारत मे आवागमन के समाधान की पेशकश के लिये सराहना की।