विदेशी शिक्षाविदों एवं प्रशासको के लिये प्रबंधकीय कौशल पर कार्यक्रम 

35देशों के 62 प्रतिभागी ले रहे हैं भाग                                                           
                                     
दिनांक 09 से 20  दिसम्बर 2019 तक एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम (आईटेक) के तहत विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित ''शिक्षाविदों एवं प्रशासको के लिये प्रबंधकीय कौशल'' पर द्वि-सप्ताहिक अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. रोली प्रधान के अनुसार इस कार्यक्रम में 35 देशों के 60 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आज जब पूरा विश्व चतुर्थ औद्योगिक क्रांति की तरफ फोकस कर रहा है, ऐसे समय में शिक्षण संस्थाओं से निकलने वाले स्नातकों में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल, क्षमता एवं दक्षता होनी चाहिए। ऐसे समय में सभी शिक्षण संस्थाओं के सामने एक नई चुनौती है कि वे डिमांड एवं सप्लाई पर खरे उतर सकें। यह कार्यक्रम इस दिशा में निटर का एक अभिनव प्रयास है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती देवयानी खोवरागड़े ने इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा इस दिशा में प्रारंभ किये गये प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने इस समय 160 देशों के बीच आइटेक कार्यक्रम के माध्यम से एक नेटवर्क विकसित किया है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुये कहा कि आप सभी अब भारत के लिये ब्रांड एंबेसडर की तरह हैं। निटर संचालक मंडल के अध्यक्ष श्री सी.पी. शर्मा, ने भारत की ''अनेकता में एकता'' की विशेषता को बताते हुए कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता ही किसी देश के विकास में सहायक होती है। उन्होंने नालेज इकोनॉमी बढ़ाने के लिये फैकल्टी एक्सचेंज का महत्व बताया। निटर निदेशक डॉ. सी. थंगराज ने विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि वैश्विक शिक्षा समुदाय के लिये हम और कार्यक्रम आयोजित करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने आये प्रतिभागियों में कई निदेशक, उपनिदेशक, डीन, प्रिंसीपल, प्रोफेसर, उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल है। प्रतिभागियों ने आषा व्यक्त की यह कार्यक्रम उनके लिये बहुत लाभदायक होगा एवं वे एक नई ऊर्जा, क्षमता, दक्षता व कौशल के साथ अपने देष वापस जायेंगे।


(डॉ. पी.के. पुरोहित)
 चेयरमेन, मीडिया समिति