शहरी पर्यावरण को बनाये रखने में बच्चे करेंगे निगरानी






*सतत विकास के लक्ष्य पर विमर्श बैठक का आयोजन*


भोपाल/ विकास का मॉडल नियोजित न होने के कारण दुनिया भर में पर्यावरण का संकट उत्पन्न हो गया है जिसका सबसे पहले शिकार समाज के वंचित समुदाय के लोग बनते हैं। यदि हमें अपने शहरी पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित रखना है तो सरकार के साथ समाज और बच्चों की भूमिका बढ़ानी होगी। यह बात निवसीड बचपन द्वारा आयोजित एक विमर्श में नगर निगम भोपाल के अपर आयुक्त श्री राजेश राठौर ने कही। सतत विकास के लक्ष्य और संवहनीय शहर विषय पर आयोजित इस विमर्श में जोन अध्यक्ष श्री बाबूलाल यादव, पार्षद श्रीमती संतोष हिरवे, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह,प्राचार्य श्री महेश शर्मा, उमेश माथुर, साधना गोस्वामी और जाह्नवी दुबे आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के विषय में जागरूकता का प्रसार करने वाले बच्चों को नगर निगम द्वारा सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम के आरम्भ में बचपन की स्नेहलता ने सतत विकास के लक्ष्यों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि हमें विकास की ऐसी अवधारणा विकसित करनी होगी कि यह धरती भविष्य में भी मानव सभ्यता के लिये जीने लायक बनी रहे। 

भोपाल शहर की विभिन्न बस्तियों से आये बच्चों ने इस अवसर पर बाल पंचायत द्वारा फ्राइडे फ़ॉर फ्यूचर अभियान के अंतर्गत पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे नुक्कड़ नाटक और रैली आदि के माध्यम से कचरा प्रबंधन और पॉलीथिन की बजाय कपडे और कागज़ के थैले इस्तेमाल करने की समझाइश देते हैं। इन बच्चों में राजेंद्र सिंह, छाया भरत, पल्लवी मोहबे, कनक वर्मा और अंजलि राठौर आदि प्रमुख हैं। 

कार्यक्रम का संचालन सत्येन्द्र पाण्डेय और आभार प्रदर्शन ऋतू रूसिया ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुदीपा दास, विद्या चौरसिया, मंजू माली, सुजीत मसीह, अंजू चौहान, सुनीता सातन कर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।