राधारमण आयुर्वेद काॅलेज ने लगाया मधुमेह जांच शिविर


भोपाल। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर राधारमण आयुर्वेद काॅलेज द्वारा अमरपुरा गांव मे एक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच शिविर आयोजित किया गया। विश्व मधुमेह दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस शिविर में 200 से अधिक ग्रामीणों की जांच की गई। इस शिविर में बड़ी संख्या में ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें लोग डायबिटिज के पूर्व की स्थिति में पाये गए। ऐसे ग्रामीणों को चिकित्सकों ने खानपान व्यायाम संबंधी कुछ ऐसे उपाय बताये जिन्हें अपनाकर वे डायबिटीज का रोगी होने से बच सकते हैं। वहीं दूसरी ओर बहुत से मामलों में वे ग्रामीण भी मिले जिन्हें डायबिटीज हो चुकी है किंतु जागरूकता के अभाव में वे इससे अनभिज्ञ थे। ऐसे लोगों को चिकित्सकों ने विशेष परामर्श प्रदान कर अपनी शुगर को नियंत्रित रखने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त शिविर में अन्य रोगों से ग्रस्त मरीज भी पाये गए जिन्हें विशेषज्ञों ने उचित मार्गदर्शन प्रदान किया। इस शिविर में जिन चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं उनमें डाॅ. हर्षद सालुखे, डाॅ. संदीप कुमार रजक, डाॅ. मेघा मनोहर चावरे, डाॅ. विकी पाटिल, डाॅ. राहुल खन्ना, डाॅ. विजय कुमार राजपूत शामिल थे।
इस अवसर पर राधारमण समूह के चेयरमेन आर आर सक्सेना ने कहा कि मधुमेह एक विश्वव्यापी बीमारी है जिससे विश्व की एक बड़ी आबादी ग्रस्त है। यह बीमारी चुपचाप व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करती है तथा इसे साइलेंट किलर भी माना जाता है। चूंकि इसके लक्षण बड़े सामान्य होते हैं इसलिए आमतौर पर लोग इसके इलाज में देरी कर जाते हैं और ये बीमारी फिर उनका आजीवन पीछा नहीं छोड़ती। उन्होंने कहा कि हम अपने खानपान, व्यवस्थित दिनचर्या और तनाव को कम करके इस बीमारी से काफी हद तक बच सकते हैं। किंतु अगर कोई फिर भी इसकी चपेट में आता है तो उस व्यक्ति को डाॅक्टरों की सलाह और खानपान पर पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि यह बीमारी जीवन के लिए खतरा न बन सके।