महारासलीला में  5 क्विटंल फूलों की होली होगी


आज छठवें दिवस रूक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र का सजीव प्रसंग हुआ
''मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ''भजन सुनकर झूमे श्रोता
भोपाल 15.11.2019। महारासलीला का भव्य आयोजन मानसभवन,भोपाल में ब्रजभूमि धाम की सुप्रसिद्ध रासलीला मंडली के द्वारा मधुर प्रस्तुतियां की गयी। आज रासलीला के छठवें दिवस रूक्मिणी विवाह प्रसंग और सुदामा चरित्र की अद्भुत प्रस्तुति को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। रूक्मिणी प्रसंग के अंतर्गत सबसे पहले मंच पर श्री नारद पधारते है। जो रूक्मिणी से पिता भीष्मक से कहते है कि आपकी कन्या रूक्मिणी के  विवाह योग्य वर सौराष्ट्र में विराजमान ठाकुर द्वारिकाधीश है। किन्तु यह बात सुनकर वहां उपस्थित रूक्मिणी के भाई सहमत नहीं होते है। वे अपनी बहन रूक्मिणी का विवाह गोपाल की जगह शिशुपाल से करना चाहते है। किन्तु रूक्मिणीजी तो साक्षात लक्ष्मीजी का अवतार थी। वे अन्तःपुर में आए हुए ब्राहाण के माध्यम से द्वारिकाधीश को संदेश भेजती है और प्रार्थना करती है कि प्रभु! आप मुझे अर्धागिनी के रूप में स्वीकार करें। महारासलीला के श्री नाथ शर्मा ने कहा शक्ति तो ब्रह्य की भक्ति करती है इसलिए किसी अन्य से विवाह तो हो ही नहीं सकता। शिशुपाल युद्ध से भाग जाते है और रूक्मिणी का विवाह द्वारिकाधीश से ही संपन्न होता है। इस अवसर पर महिलाओं ने मंगल गीत गाकर भगवान का पूजन अर्चन किया। सुदामा चरित्र के अंतर्गत बताया गया कि सुदामाजी ने व्रत लिया था कि वे किसी के दरवाजे नहीं जाएंगे। किन्तु उनकी धर्मपत्नी सुशीला ने कहा कि स्वामी ज्ञान का फल है कि जीव का परमात्मा से मिलन होना चाहिये अतः आप द्वारिकाधीश के पास जाएं और बचपन की मित्रता याद दिलाएं तो प्रभु हमारे अभाव दूर सकते हैं। इस अवसर पर भगवान से जब सुदामा मिले तो उनकी करूणा देखकर करूणानिधि द्रवित हो गए। वर्णन आया है कि ''देखि सुदामा की दीनदसा करूणा करके करूणानिधि रोएं। पानी परात को हाथ छुओ नहीं नैनन के जल सो पग धोएं'' । अर्थात भगवान के द्रवित होने के कारण इतने अश्रु निकले कि सुदामा के चरण पखारने के लिये पानी की आवश्यकता नहीं रही। इस तरह से भगवान ने भक्त सुदामा को हदय से लगाया और कांख में रखे दो मुठ्ठी तंदुल खाकर उन्हें अपार वैभव का स्वामी बना दिया। भगवान की कृपा दृष्टि जिन पर होती है तो वो चाहे भक्त सुदामा हो या भक्त विभीषण सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
मुख्य अतिथि विधायक विश्वास सारंग ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा से प्रत्येक महीने वृन्दावन जाकर उनके दर्शन करता हूं। कार्यकम का सफल संचालन महामंत्री राजेश वर्मा सोनी ने किया। आज ठाकुर जी की विशेष आरती श्रीमती लक्ष्मी पांडे, माखनलाल सोनी पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका बैरसिया, रमाकांत दुबे, कैलाश जोशी, सुनील जैन 501, सुरेष श्रीवास्तव, प्रहलाद अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, अजय श्रीवास्तव, सोनू भाभा, सुनील जैनाविन ,राकेष सिंघई आदि ने की। कल महारासलीला के समापन पर श्री कृष्ण जी पांच क्विंटल फूलों से भक्तों के साथ होली खेलेंगे। 
महारासलीला महोत्सव 2019 के महामंत्री महामंत्री राजेश वर्मा सोनी ,स्वागत सचिव पार्षद सोनू भाभा ने बताया कि  कार्यक्रम के समापन में महारासलीला में भगवान श्री कृष्ण एवं गोपियां भक्तों के बीच जाकर पांच क्विंटल फूलों से होली खेलेंगी। वृन्दावन की होली के अलावा बरसाने की लठमार होली आदि का आकर्षक सजीव चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा। भोपाल स्थित समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन है कि इस अद्भुत महारासलीला में अवश्य पधारें।
 राजेष वर्मा सोनी           सोनू भाभा
(महामंत्री)              (स्वागत सचिव)