टूटकर फिर खड़े होने का सन्देश देता प्राची वर्मा का “बाल लैंगिक शोषण” पर सोलो कंटमप्रेरी डांस


मध्यप्रदेश में सामाजिक सन्देश देता अपनी तरह का पहला परफार्मेंस

भोपाल/ भोपाल के बोट क्लब पर रविवार शाम खिली गुनगुनी धूप के बीच सेफ सिटी यूथ फेलो प्राची वर्मा ने “डांस फॉर चेंज” का प्रस्तुतिकरण कर दर्शकों का मन मोह लिया| “बाल लैंगिक शोषण” पर इस तरह का यह पहला डांस परफार्मेंस रहा| 

इस डांस परफार्मेंस की स्क्रिप्ट प्राची ने ख़ुद लिखी और उसे संगीतबद्ध भी किया| प्राची फिलहाल बीएसएसएस कालेज की एम.ए.(अंग्रेजी) की छात्रा हैं और सेफ सिटी फेलो हैं| यह फेलोशिप आवाज और यूनिसेफ द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है। इसमें प्राची की ही तरह 15 अन्य फेलो भी हैं। इस प्रस्तुति को लेकर प्राची बताती हैं कि उन्होंने एक बच्चे के लैंगिक शोषण की सच्ची कहानी को लेकर स्क्रिप्ट तैयार की और उसे डांस स्टेप के साथ तैयार किया| उन्होने कहा कि मैंने यह सोचा कि डांस को हर कोई करता है लेकिन समाज में बदलाव के लिए इस तरह से सोलो स्ट्रीट डांस कोई नहीं करता| उन्होंने कहा कि मैं यह मानती हूँ कि जनता जो देखना चाहती है, या देखती है हम उसके माध्यम से सामाजिक सन्देश क्यों नहीं दे सकते हैं? बस इसी प्रेरणा से मैं आगे बढीं और इस तरह की प्रस्तुति दे रही हूँ| सुश्री प्राची ने कहा कि सेफ सिटी फेलोशिप के तहत मैंने अभी तक पांच प्रस्तुति दी हैं| 

*रो पड़ी महिला* - प्राची का डांस परफार्मेस इतना प्रभावी था कि उसे देखकर एक महिला अपने आंसू नहीं रोक पाई| बचपन में लैंगिक शोषण का दर्द प्राची के अभिनय से होता हुआ महिला के दिल में उतर गया था| बड़ी संख्या में युवाओं और परिवार के साथ आये अभिभावकों ने इस दर्द को न सिर्फ़ समझा बल्कि ऐसे किसी लैंगिक शोषण का मामला सामने आने पर सूचना देने के तरीके भी जाने| 

*क्या है कहानी* – खेल-खेल में घर के एक सदस्य द्वारा ही पीड़ित बालिका के साथ लैंगिक शोषण की घटना होती रहती है| इसके चलते पीडिता अवसाद में चली जाती है| बमुश्किल वह घर वालों को बताती है तो वे उसे किसी को न बताने का कहते हैं और जिससे लड़की टूट जाती है| वह हिम्मत करके फिर खड़ी होती है और शोषण के खिलाफ आवाज उठाती है| कहानी का मूल सन्देश यही है कि ऐसे किसी भी शोषण के खिलाफ चुप रहने की बजाय आम आदमी आगे आये और विरोध करे| 

रोली शिवहरे प्राची वर्मा